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प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण, कारण और इलाज

प्रोस्टेट (prostate) पुरुषों के शरीर में मौजूद एक ग्रंथि होती है, जिसको 'पौरुष ग्रंथि' भी कहा जाता है। प्रोस्टेट ग्रंथि पुरुषों के जननांग तंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह मूत्राशय के नीचे और मूत्रमार्ग (मूत्रमार्ग वह ट्यूब होती है, जो पेशाब को शरीर से बाहर निकालती है) के चारों ओर स्थित होती है। जैसे जैसे उम्र बढ़ती जाती है, प्रोस्टेट का आकार बढ़ता जाता है, जिसे बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH) कहा जाता है।

आमतौर पर देखा जाये तो यह स्थिति अधिकांशतः 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में पाई जाती है। प्रोस्टेट का आकार बढ़ने से मूत्राशय से मूत्र के प्रवाह को अवरुद्ध करने जैसी मूत्र संबंधी समस्याएं विकसित हो सकती हैं, जो काफी तकलीफें पैदा कर सकती हैं।

इस ब्लॉग में हम प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण, कारण, और उपचार (prostate gland enlargement in hindi) के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण - Benign Prostatic Hyperplasia (BPH) Symptoms in Hindi

प्रोस्टेट बढ़ने के बहुत से लक्षण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख लक्षण (Prostate badhne k Lakshan)  निम्न हैं :

  1. मूत्र प्रवाह में कमी: मूत्र का प्रवाह धीमा हो जाना या मूत्र की धारा में कमी आना।
  2. मूत्र आवृत्ति –  रात में बार-बार उठकर मूत्र करने की आवश्यकता महसूस होना।
  3. पेशाब करने और स्खलन के बाद दर्द होना
  4. मूत्र की धार में कमजोरी: मूत्र की धार में कमजोरी आना और मूत्र को शुरु करने या रोकने में परेशानी होना।
  5. पेशाब होने के अंत में बूंद-बूंद टपकना
  6. मूत्र का असंतुलन: मूत्र करने के बाद भी मूत्राशय का पूरी तरह से खाली न होना।
  7. मूत्र में जलन: मूत्र करते समय जलन या दर्द का अनुभव होना।
  8. मूत्र का रंग और उसकी गंध का अलग सा होना

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

ज़ब पेशाब करते समय पेशाब करने में अचानक से असमर्थता (पेशाब बंद होना) महसूस होना एक मेडिकल इमर्जेंसी है,ऐसी कंडीशन में  तुरंत ऐसी कंडीशन में Urology Department के डॉक्टर (Urologist) को दिखाना चाहिए। अगर पेशाब में खून आ रहा है, तो डॉक्टर द्वारा ही उसकी जांच की जानी चाहिए, ताकि अन्य किसी गंभीर स्थिती का पता लगाया जा सके। कुछ दुर्लभ मामलों में मूत्राशय और गुर्दे में क्षति के कारण बीपीएच की समस्या हो सकती है।

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पौरुष ग्रंथि बढ़ने के कारण - Enlarged Prostate Causes in Hindi

प्रोस्टेट बढ़ने (prostate enlargment) के बहुत से कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख कारण (Prostate badhne ke karan)  निम्न  हैं:

  1. उम्र : जैसे जैसे उम्र बढ़ती जाती है, प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ सकता है। 80 की उम्र के बाद ज्यादातर वृद्ध पुरूषों को बीपीएच सिंड्रोम हो जाता है।
  2. हार्मोनल परिवर्तन: उम्र के साथ हार्मोनल परिवर्तन होना, विशेषकर टेस्टोस्टेरोन और डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) का बढ़ना।
  3. वंशानुगत कारण: अगर परिवार में पहले किसी को यह समस्या पहले हुई हो।
  4. मोटापा: मोटापे के कारण भी प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ सकता है।
  5. शारीरिक व्यायाम में कमी

प्रोस्टेट बढ़ने का इलाज - Prostate badhne ka ilaj in Hindi

प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज ( में विभिन्न विधियाँ शामिल हैं, जैसे:

  1. मेडिकेशन (दवाइयाँ): पौरुष ग्रंथि के मध्यम से औसत लक्षणों के लिए मेडिकेशन एक सामान्य उपचार होता है। कुछ पुरूषों में बिना उपचार के ही लक्षण कम होने लगते हैं। डॉक्टर विभिन्न प्रकार की दवाइयाँ देते हैं जो प्रोस्टेट के आकार को कम करने में सहायक होती हैं। इनमें अल्फा-ब्लॉकर्स और 5-अल्फा रिडक्टेज़ इन्हिबिटर्स शामिल हैं।
  2. मिनिमली इनवेसिव थैरेपी: इसमें प्रोस्टेट के आकार को कम करने के लिए ट्रीटमेंट्स शामिल होते हैं जैसे कि ट्रांसयूरेथ्रल माइक्रोवेव थर्मोथैरेपी (TUMT) और ट्रांसयूरेथ्रल नीडल एब्लेशन (TUNA)।
  3. सर्जरी: यदि दवाइयों और मिनिमली इनवेसिव थैरेपी से लाभ नहीं मिलता है, तो सर्जरी का सहारा लिया जा सकता है। सबसे आम सर्जिकल प्रक्रिया ट्रांसयूरेथरल रिसेक्शन ऑफ प्रोस्टेट (TURP) है। इस प्रक्रिया में एक लाइट वाली स्कोप (Lighted scope) को मूत्रमार्ग में डाला जाता है और सर्जन बाहरी प्रोस्टेट के पूरे भाग को हटा देते हैं। टीयूआरपी आमतौर पर लक्षणों से जल्दी राहत देता है, ज्यादातर लोगों में प्रक्रिया के बाद तुरंत तेज पेशाब का बहाव बनता है।।
  4. लाइफस्टाइल चेंजेज: जीवनशैली में बदलाव जैसे कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और धूम्रपान एवं शराब से परहेज भी लाभदायक हो सकते हैं।

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प्रोस्टेट बढ़ने से बचाव के उपाय  Prostate badhne se Bachav in Hindi

प्रोस्टेट बढ़ने से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

  1. नियमित स्वास्थ्य जांच: नियमित रूप से डॉक्टर से मिलकर स्वास्थ्य जांच करवाना।
  2. स्वस्थ आहार: हरी सब्जियाँ, फल, साबुत अनाज और मछली का सेवन करना।
  3. व्यायाम: नियमित रूप से व्यायाम करना जिससे वजन नियंत्रित रहे।
  4. धूम्रपान और शराब से परहेज: धूम्रपान और शराब के सेवन से बचना।
  5. एन्लार्जड प्रोस्टेट में टमाटर, तरबूज, और पपीता जैसे लाइकोपीन से भरपूर फल खाने चाहिए जो प्रोस्टेट ग्लैंड के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।

निष्कर्ष

प्रोस्टेट बढ़ना एक सामान्य समस्या है जैसे जैसे उम्र बढ़ती जाती है, प्रोस्टेट का आकार बढ़ता जाता है। इस समस्या के लिए बहुत से इलाज उपलब्ध हैं, जिनमें दवाएं, थेरेपी और सर्जरी आदि शामिल हैं।  इन सभी विकल्पों में से आपके लिए सबसे बेहतर उपचार चुनने के लिए Rishab Hospital के डॉक्टर आपके लक्षणों, बढ़ी हुई ग्रंथि का आकार, आपके स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं और आपकी प्राथमिकता पर विचार करते हैं। 

इसके लक्षणों को पहचानकर समय पर उपचार करवाना आवश्यक है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से इस समस्या से बचाव संभव है। नियमित स्वास्थ्य जांच और डॉक्टर की सलाह से आप प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं से मुक्त रह सकते हैं।

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